विराट कोहली की जीवनी Virat Kohli Biography in hindi

विराट कोहली की जीवनी Biography of Virat Kohli in hindi

विराट कोहली भारत के सफलतम बल्लेबाज और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं. विश्व के बेहतरीन एथलीटों में जगह बना चुके विराट को फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया के मोस्ट वेल्यूएबल एथलीट्स में शामिल किया है.

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विराट कोहली की संक्षिप्त जीवनी Short Biography of Virat Kohli

विराट कोहली Virat Kohli भारत के सफलतम बल्लेबाज और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं. अपनी धुआंधार बल्लेबाजी के दम पर विराट करियर के चंद सालों में ही विश्व के शीर्ष बल्लेबाजों में शुमार हो गए. विश्व के बेहतरीन एथलीटों में जगह बना चुके विराट को फोर्ब्स Forbes पत्रिका ने दुनिया के मोस्ट वेल्यूएबल एथलीट्स Most Valuable Athletes में शामिल किया है. दिल्ली में पले-बढ़े विराट ने वर्ष 2006 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पर्दापण किया था. इससे पहले वह विभिन्न आयु वर्गों में अपनी राज्य क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके थे. मलेशिया में वर्ष 2008 में हुए अंडर-19 विश्व कप Under-19 World Cup में अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को जीत दिलाने के कुछ महीनों बाद ही विराट को सीनियर टीम इंडिया में खेलने का अवसर मिल गया.

निकनेमचीकू
जन्म व स्थान5 नवम्बर, 1988 दिल्ली, भारत
बल्लेबाजी शैलीदाएं हाथ के बल्लेबाज
गेंदबाजी शैलीदाएं हाथ के मध्यम गति गेंदबाज
पत्नीअनुष्का शर्मा
पहला टैस्ट मैच20 जून 2011, वेस्टइंडीज के खिलाफ
पहला वनडे मैच18 अगस्त 2008, श्रीलंका के खिलाफ
पहला ट्वंटी-20 मैच12 जून 2010, जिम्बाब्वे के खिलाफ
जर्सी नम्बर
18

विराट ने महज 19 वर्ष की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट International Cricket में पदार्पण किया. शुरुआत में हालांकि वह टीम में रिजर्व बल्लेबाज के तौर पर रखे गए. विराट कोहली ने जल्द ही मध्यक्रम के बल्लेबाज Middle Order Batsman के तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली और वर्ष 2011 में भारत की मेजबानी में हुए वनडे विश्व कप One Day World Cup 2011 के लिए टीम में जगह बनाने में भी सफल रहे. इसी वर्ष उन्हें भारत की ओर से टैस्ट क्रिकेट खेलने का मौका भी मिल गया. विराट कोहली ने प्रदर्शन के दम पर 2013 में यह भारतीय क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ICC की वनडे रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहा. समय के साथ-साथ विराट ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपने पैर जमा लिए. वह ट्वंटी-20 विश्व कप Twenty-20 World Cup में वर्ष 2014 और 2016 में मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब हासिल करने में सफल रहे. वर्ष 2014 में विराट ट्वंटी-20 रैंकिंग में भी शीर्ष पर पहुंचे और दिसम्बर 2017 तक उन्होंने अपना यह स्थान बनाए रखा.

सबसे तेज 5000 रन Fastes 5000 Runs

वर्ष 2012 में विराट कोहली को भारतीय टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया. वहीं साल 2014 में महेन्द्र सिंह धोनी MS Dhoni के टैस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उन्हें भारतीय टैस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी गई. धोनी के सीमित ओवर क्रिकेट में टीम की कप्तानी छोडऩे के बाद विराट को साल 2017 के शुरू में यह जिम्मेदारी भी सौंप दी गई.विराट मौजूदा दौर में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट International ODI में सचिन तेंदुलकर Sachin Tendulkar के बाद सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने विश्व में सर्वाधिक शतक जमाए हैं. वनडे क्रिकेट में कई अन्य रिकॉर्ड भी विराट के नाम हैं, जिनमें सबसे तेज शतक जडने का भारतीय रिकॉर्ड भी शामिल है. वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 5000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी विराट के नाम है. जबकि सबसे तेज 10 शतक लगा विराट कोहली ने विश्व के कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया. वह वनडे क्रिकेट में एक कैलेण्डर वर्ष में एक या उससे अधिक बार हजार या उससे अधिक रन बना चुके हैं. ट्वंटी-20 फॉर्मेट में भी विराट ने अपनी धाक छोड़ी है. वह आईपीएल व विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में एक सत्र में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा कर चुके हैं. आईसीसी की वनडे रैंकिंग में सर्वाधिक 889 व ट्वंटी-20 रैंकिंग में सर्वाधिक 897 रेटिंग अंक हासिल करने वाले विराट पहले भारतीय बल्लेबाज हैं.

विराट के अन्य व्यवसाय Other Businesses of Virat

क्रिकेट के अलावा विराट फुटबॉल, टेनिस व कुश्ती जैसे अन्य खेलों में भी दिलचस्पी लेते हैं. भारत में चलने वाली इंडियर सुपर लीग फुटबॉल की टीम फ्रेंचाइजी ‘एफसी गोवा’ में उनकी हिस्सेदारी है. जबकि इंडियन प्रीमियर टेनिस लीग की टीम ‘यूएई रॉयल्स’ UAE Royals में भी वह साझेदार हैं. प्रो-कुश्ती लीग Pro-Kushti League की ‘बेंगलूरु योद्धा’ Bengaluru Yoddha टीम में भी विराट की हिस्सेदारी है. विराट ने कई अन्य व्यवसायों में भी निवेश किया हुआ है और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करते हैं. वर्ष 2016 में उनकी ब्रैंड वेल्यू करीब 92 मिलियन अमरीकन डॉलर आंकी गई थी. इससे वह भारत के दूसरे नम्बर के मोस्ट वेल्यूएबल सेलिब्रिटी Most Valuable Celebrity बन गए.

विराट कोहली का शुरुआती जीवन Early Life of Virat Kohli

5 नवम्बर, 1988 में दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में जन्में विराट जब तीन साल के थे तो वह बैट से खेलने लगते और अपने पिता को गेंदबाजी करने को कहते थे. विराट के पिता Father of Virat Kohli प्रेम कोहली वकील थे, जबकि उनकी मां Mother of Virat Kohli सरोज कोहली एक गृहिणी हैं. उनके घर में बड़े भाई विकास और बहन भावना भी हैं. तीनों भाई-बहनों में सबसे छोटे विराट बचपन से ही सबके लाडले थे. दिल्ली के उत्तम नगर में पले-बढ़े विराट को उनके पिता ने पड़ोसियों की सलाह पर 1998 में वेस्ट दिल्ली क्रिकेट एकेडमी में दाखिल करा दिया. उस समय विराट कोहली की उम्र महज नौ साल थी. विराट के पहले कोच First Coach of Virat Kohli राजकुमार शर्मा थे. कोच राजकुमार ने एक साक्षात्कार में बताया था कि-

विराट को मैदान पर शांत रखना बेहद मुश्किल होता था क्योंकि उनका खेलने का अपना एक अलग तरीका था. वह किसी भी नम्बर पर बल्लेबाजी करने को तैयार रहते थे. ट्रेनिंग सत्र के बाद मुझे उन्हें बकायदा धक्के देकर घर भेजना पड़ता था क्योंकि वह क्रीज छोडऩा पसंद ही नहीं करते थे.

क्रिकेट के साथ-साथ विराट पढ़ाई में भी काफी तेज थे. 18 दिसम्बर, 2006 को हार्ट स्ट्रोक के कारण विराट के पिता का निधन हो गया. विराट ने एक साक्षात्कार में कहा था कि, मैंने जीवन में काफी कुछ देख लिया है. कम उम्र में ही अपने पिता को खोना, पारिवारिक व्यवसाय का मंदा पडना और किराए के घर में रहने को मजबूर होना. हमारे परिवार के लिए वह काफी बुरा दौर था. मुझे आज भी वो संघर्ष याद है. विराट के पिता ने उनके क्रिकेट के शौक को देखते हुए उन्हें काफी सहयोग किया. विराट कहते हैं कि मेरे पिता के सहयोग से ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाया हूं. वे ही थे जो मुझे रोजाना अभ्यास के लिए लेकर जाते थे. कई बार मुझे उनकी काफी कमी खलती है.

घरेलू क्रिकेट करियर Domestic Cricket Career

विराट को पहली बार अक्टूबर 2002 में दिल्ली की अंडर-15 टीम में चुना गया. उसके बाद विराट दिल्ली के लिए अंडर-17 व अंडर-19 क्रिकेट भी खेले. 2006 में उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम में जगह मिली. विराट ने इस मौके को भुनाते हुए इंग्लैंड अंडर-19 टीम के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 105 के बेहतरीन औसत से रन बना डाले. इसके बाद विराट की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने विश्व कप भी अपने नाम किया. इससे पहले उन्हें नवम्बर, 2006 में तमिलनाडु के खिलाफ दिल्ली की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच खेलने का मौका मिला. हालांकि अपनी पहली पारी में विराट महज 10 रन ही बना सके. पहली बार विराट लाइमलाइट में दिसम्बर 2006 में आए जब उन्होंने अपने पिता के देहांत के अगले ही दिन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी Ranji Trophy मैच में उतरने का फैसला किया. विराट ने उस पारी में 90 रन बनाए. यह विराट के लिए ही नहीं बल्कि उनके परिवार व पूरी टीम के लिए बेहद भावुक पल था. कर्नाटका के खिलाफ उस पारी के बाद विराट ने साक्षात्कार में कहा कि-

उस दिन खेल के प्रति मेरी सोच ही अलग थी. मेरे दिमाग में उस दिन सिर्फ एक ही चीज चल रही थी कि मुझे अपने देश के लिए खेलना है और मेरे पिता के इस सपने को जीना है.

विराट की मां सरोज का भी कहना है कि-

”उस दिन के बाद वह बिल्कुल बदल गया. एक ही रात में वह काफी गंभीर हो गया. अपने खेल और परिवार दोनों के लिए. उसके बाद से विराट हर मैच को बेहद गंभीरता से लेने लगा और उसे बैंच पर बैठना तो बिल्कुल पसंद नहीं था. वह बस अपने पिता के सपने को पूरा करने के पीछे पड़ गया.”

उस रणजी ट्रॉफी सत्र में विराट ने छह मैचों में 36.71 के औसत से 257 रन बनाए थे. घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए विराट ने अपनी बल्लेबाजी को और तराशा. इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने 2008 में मलेशिया में हुए अंडर-19 विश्व कप में कप्तानी करते हुए चौथे नम्बर के बल्लेबाज के तौर पर छह मैचों में 47 के औसत से 235 रन बनाए. उस विश्व कप में विराट ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी लगाया था.

आईपीएल में एंट्री Entry in IPL

अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के कप्तान होने के नाते विराट रातों-रात सबके चहेते बन गए. उसी साल शुरू हुई इंडियन प्रीमियर लीग Indian Premier League की खिलाडिय़ों की नीलामी में बेंगलूरु रॉयल चैलेंजर्स Bengaluru Royal Challengers ने उन्हें यूथ कांट्रैक्ट के तहत 30 हजार अमरीकी डॉलर में खरीदा. उसी साल विराट को अंडर-19 टीम के अन्य दो साथियो प्रदीप सांगवान और तन्मय श्रीवास्तव के साथ बॉर्डर-गावस्कर स्कॉलरशिप Border-Gavaskar Scholarship से नवाजा गया. इस स्कॉलरशिप के तहत उन तीनों को छह सप्ताह के लिए आॅस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग लेने का अवसर मिला. वर्ष 2008 में ही विराट को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारत के 30 संभावित खिलाडिय़ों में शामिल किया गया था.

अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पदार्पण Entry in International Cricket

अगस्त 2008 में विराट को श्रीलंका दौरे और आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया. श्रीलंका दौरे से पहले तक विराट ने महज आठ लिस्ट ए मैच खेले थे. उनके चयन को चौंकाने वाला फैसला करार दिया गया था. उस दौरे पर भारत के नियमित ओपनर सचिन तेंदुलकर और वीरेन्द्र सहवाग के चोटिल होने के कारण विराट को ओपनिंग करने का मौका मिला. हालांकि पहले ही मैच में वह सिर्फ 12 रन बना सके, लेकिन फिर उन्होंने चौथे वनडे में 54 रन बना भारत को सीरीज जितवाने में अहम भूमिका निभाई. श्रीलंका के खिलाफ वह सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम की.

अक्टूबर 2008 में विराट को भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ होने वाले चार दिवसीय अभ्यास मैच के लिए भारतीय बोर्ड अध्यक्ष एकादश में खेलने का अवसर मिला. ब्रैट ली, स्टुअर्ट क्लार्क, मिशेल जॉनसन, पीटर सिडल व जेसन क्रेजा जैसी बेहतरीन गेंदबाजी लाइनअप के खिलाफ विराट ने 105 रन और नाबाद 16 रन की पारी खेल चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा. दिसम्बर, 2008 में ही विराट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की खिलाडियों के केन्द्रीय अनुबंध की सूची में ग्रेड-डी में जगह पाने में सफल रहे. ग्रेड-डी में उन्हें सालाना 15 लाख रुपए का अनुबंध मिला. हालांकि 2009 में मजबूत बैंच स्ट्रेंथ के चलते विराट को भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में सात मैचों में 66.33 की औसत से कुल 398 रन बना वह फिर से अपने को साबित करने में सफल रहे.

उसके बाद ही श्रीलंका में त्रिकोणीय वनडे सीरीज के लिए विराट को गौतम गंभीर की जगह टीम इंडिया में शामिल किया गया. 2009 में हुई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में युवराज सिंह के चोटिल होने के चलते विराट को नम्बर चार पर उतरने का मौका मिला और उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 79 रन की पारी खेल भारत को जीत दिलाई. इस प्रदर्शन के लिए विराट को उनके करियर का पहला मैन ऑफ द मैच अवार्ड मिला. दिसम्बर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज में विराट को पहले दो मैचों में खेलने का मौका मिला. दो वनडे मैचों में उन्होंने 27 एवं 54 रन बनाए. तीसरे वनडे में युवराज सिंह के फिट होने के कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा. हालांकि अगले ही मैच में युवराज अंगुली की चोट के कारण नहीं खेल पाए और विराट फिर से अंतिम एकादश में शामिल हो गए. कोलकाता में खेले गए चौथे वनडे मैच में विराट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ा. विराट ने उस मैच में 111 गेंदों में 107 रन बनाए और गौतम गंभीर के साथ तीसरे विकेट के लिए 224 रन की साझेदारी कर डाली. गंभीर ने उस मैच में अपने वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 150 रन बनाया था. भारत ने वह मैच सात विकेट से और सीरीज 3-1 से जीती. उस मैच में मैन ऑफ द मैच बने गंभीर ने अपना अवार्ड विराट को दे दिया था.

इसके बाद भी विराट कोहली भारतीय टीम में नियमित बल्लेबाज के तौर पर जगह नहीं बना पाए. वह 22 साल की उम्र से पहले वनडे क्रिकेट में दो शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए थे. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर और सुरेश रैना ही यह कारनामा कर पाए थे. 2010 में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में कोहली के प्रदर्शन को काफी सराहा गया. इसके बाद लगातार दो सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की शृंखला में जगह दी गई. विराट ने विशाखापट्टनम में खेले गए इस सीरीज के तीसरे वनडे में 121 गेंदों पर 118 रन की पारी खेल भारत को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच बने. विराट ने इस मैच के बाद स्वीकारा कि वह पिछली दो सीरीज में विफल रहने के बाद काफी दबाव में थे. इसके बाद विराट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करते चले गए.

विराट कोहली और 2011 विश्व कप Virat Kohli and 2011 World Cup

वर्ष 2011 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई भारतीय टीम की ओर से वनडे सीरीज में विराट सर्वाधिक स्कोरर रहे लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए. उन्होंने वहां 48.25 के औसत से 193 रन बनाए जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल थे. इस प्रदर्शन के दम पर वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरे नम्बर पर पहुंच गए. इसके बाद भारत की मेजबानी में हुए वनडे विश्व कप के दौरान अंतिम एकादश में विराट को सुरेश रैना पर तरजीह दी गई. विराट इस टूर्नामेंट के सभी मैचों में खेले. भारत के बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए उद्घाटन मैच में ही विराट ने नाबाद 100 रन बना अपनी फॉर्म का परिचय दिया. विराट विश्व कप पदार्पण में शतक जडऩे वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं. भारतीय टीम अपनी मेजबानी में हुए इस विश्व कप में खिताब जीतने में सफल रही. भारत का 1983 के बाद यह दूसरा विश्व कप खिताब था. वर्ष 2011 में विराट 34 वनडे मैचों में 47.62 की औसत और चार शतकों की बदौलत 1381 रन बना सर्वाधिक स्कोरर रहे.

टैस्ट क्रिकेट में पदार्पण Entry in Test Cricket

जून 2011 में विराट को वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टैस्ट टीम Indian Test Cricket Team में शामिल किया गया लेकिन दोनों ही पारियों में वह कुछ खास नहीं कर पाए. पांचवें नम्बर पर बल्लेबाजी करने उतरे विराट क्रमश: 4 और 15 रन बना विकेट के पीछे फिदेल एडवड्र्स के हाथों लपके गए. इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया लेकिन वनडे क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें उसी साल दिसम्बर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना गया. इस बीच 2012 में विराट को एशिया कप टूर्नामेंट Asia Cup Tournament में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया. एशिया कप में विराट का शानदार प्रदर्शन रहा जिसमें उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी पाकिस्तान के खिलाफ रही. विराट ने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान टीम के खिलाफ मैच में 148 गेंदों पर 183 रन की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली जिसमें 22 चौके व एक छक्का शामिल था.

जून 2013 में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी ICC Champions Trophy जीतने वाली भारतीय टीम में विराट कोहली का कुछ खास योगदान नहीं रहा. लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 34 गेंदों पर 43 रन बना उन्होंने टीम की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया. इस दौरान विराट कोहली में चयनकर्ताओं को कप्तान के गुण नजर आए. वेस्टइंडीज में त्रिकोणीय वनडे सीरीज के लिए उन्हें चोटिल महेन्द्र सिंह धोनी की जगह कप्तानी सौंप दी गई. अक्टूबर 2013 में विराट ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मैच में महज 52 गेंदों पर धुआंधार शतक जड़ दिया. वह सबसे तेज शतक ठोकने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए. उन्होंने इस मैच में रोहित शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 186 रन की साझेदारी निभाई. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज में विराट का बल्ला खूब चला और इस दौरान वह वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 17 शतक जडऩे वाले पहले बल्लेबाज बन गए. इस प्रदर्शन के साथ ही विराट आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गए.

टैस्ट क्रिकेट टीम की कप्तानी Captaincy of Test Cricket Team

दिसम्बर 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम के नियमित कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के चोटिल होने के कारण विराट को पहले टैस्ट मैच में यह जिम्मेदारी सौंपी गई. एडिलेड में खेले गए पहले टैस्ट मैच की पहली ही पारी में बतौर कप्तान विराट ने 115 रन की पारी खेल डाली. विराट कोहली बतौर कप्तान अपने पहले ही टैस्ट मैच में शतक जडऩे वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए. दूसरी पारी में भी विराट ने 141 रन की पारी खेली. ऑस्ट्रेलियाई कमेंटेटरों ने विराट की चौथी पारी में खेली गई इस पारी को बेहतरीन माना. दूसरे मैच में कप्तान धोनी ने वापसी की जहां विराट ने दोनों पारियों में 19 व एक रन बनाया और भारत को चार विकेट से हार झेलनी पड़ी. मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टैस्ट की पहली पारी में विराट ने 169 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में भी 54 रन की पारी खेल यह मुकाबला ड्रॉ कराया.

इस मैच के बाद ही धोनी ने टैस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी और विराट को फुलटाइम कप्तान नियुक्त कर दिया गया. विराट ने इस मैच की पहली पारी में भी 147 रन की पारी खेली और विश्व के पहले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने बतौर कप्तान अपनी पहली तीनों पारियों में शतक जड़ने का कारनामा किया. दूसरी पारी में विराट ने 46 रन बनाए और भारत को यह मुकाबला भी ड्रॉ कराना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की इस टैस्ट सीरीज में विराट ने 692 रन बनाए जो कि ऑस्ट्रेलिया में टैस्ट सीरीज में किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. इसके बाद साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में खेले गए वनडे विश्व कप में भी विराट का प्रदर्शन अच्छा रहा. भारतीय टीम इस विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची थी. इस टूर्नामेंट के पहले ही मैच में विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ 126 गेंदों पर 107 रन की पारी खेल सबको जश्न मनाने का मौका दिया था. कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया एक बार फिर विश्व की नम्बर एक टैस्ट टीम बनी.

विराट कोहली और 2017 Virat Kohli and 2017

विराट के लिए वर्ष 2017 सबसे बेहतरीन वर्ष रहा. अक्टूबर 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में विराट दो शतक समेत सर्वाधिक रन बना मैन ऑफ द सीरीज चुने गए. इस दौरान उन्होंने 200 वनडे मैचों में 55.55 के बेहतरीन औसत से 8,888 रन बनाने का शानदार कारनामा किया. इसमें उनके 31 शतक भी शामिल रहे. इसके बाद नवम्बर में भारत दौरे पर आई श्रीलंकाई टीम के खिलाफ तीन मैचों की टैस्ट सीरीज में विराट ने कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. इस सीरीज के दौरान विराट ने पहले टैस्ट में शतक व दूसरे मैच में दोहरा शतक जडऩे के बाद तीसरे टैस्ट में भी बेहतरीन दोहरी शतकीय पारी खेल डाली. वह टैस्ट क्रिकेट में 5000 रन पूरे करने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज बन गए, जिसमें 20 शतक भी शामिल रहे. विराट अब तक छह दोहरे शतक भी जड़ चुके हैं. कप्तान के तौर पर छह दोहरे शतक बनाने वाले वह पहले बल्लेबाज भी बने. श्रीलंका के खिलाफ तीन टैस्ट में 610 रन बना वह तीन मैचों की सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय और विश्व के चौथे बल्लेबाज बने. वर्ष 2017 में विराट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 2818 रन बनाए.

विराट का आईपीएल रिकॉर्ड IPL Record of Virat

विराट 2008 से आईपीएल में एक ही टीम बेंगलूरु रॉयल चैलेंजर्स के लिए खेल रहे हैं लेकिन यह टीम अब तक एक बार भी खिताब नहीं जीत पाई है. विराट ने आईपीएल में अब तक खेले 137 मैचों में 38.26 के औसत से 4,056 रन बनाए हैं. इसमें चार शतक व 25 अर्धशतक शामिल हैं.

अंतरराष्ट्रीय शतक Internation Centuries

विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक कुल 52 शतक लगा चुके हैं और इस खेल में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में आठवें नम्बर पर हैं. वह टैस्ट में अब तक 20 शतक लगा चुके हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में 32 का आंकड़ा पार कर चुके हैं. वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के 49 शतक के बाद विराट दूसरे नम्बर के बल्लेबाज बने हुए हैं.

विराट का निजी जीवन Personal Life of Virat

साल 2013 में विराट और फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा Anushka Sharma में दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ते में बदल गई. पांच साल तक रिलेशन में रहने के बाद विराट और अनुष्का ने 11 दिसम्बर, 2017 को इटली के फ्लोरेंस में एक निजी समारोह में शादी कर ली.

कप्तान के तौर पर विराट के रिकॉर्ड Records as Captain

  • विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2015 से 2017 के बीच लगातार 9 टैस्ट सीरीज जीती. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की.
  • टैस्ट कप्तान के तौर पर अपनी पहली तीन पारियों में शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज. ग्रेग चैपल के बाद पहली दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले कप्तान भी बने.
  • विदेश में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने.
  • चार टैस्ट सीरीज में लगातार दोहरा शतक जडऩे वाले पहले बल्लेबाज बने.
  • एक कैलेण्डर वर्ष में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 शतक जडऩे वाले पहले बल्लेबाज बने.
  • भारतीय कप्तान के तौर पर टैस्ट में सर्वाधिक 12 शतक जडऩे वाले पहले बल्लेबाज.
  • टैस्ट में सर्वाधिक 6 दोहरे शतक जड़ने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज.
  • कप्तान के तौर पर एक कैलेण्डर वर्ष में सर्वाधिक 11 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज, 2017 में किया कारनामा.
  • 2011 में वनडे में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने.

विराट के अवार्ड एवं सम्मान Awards and Honours

  • आईसीसी के वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर, 2012
  • बीसीसीआई का पॉली उमरीगर अवार्ड 2011-12, 2014-15, 2015-16
  • पद्मश्री 2017
  • अर्जुन अवार्ड 2013
  • विज्डन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2016
  • टैस्ट क्रिकेट में सात बार मैन ऑफ द मैच बने
  • दो बार टैस्ट में मैन ऑफ द सीरीज अवार्ड मिला
  • वनडे क्रिकेट में 25 बार मैन ऑफ द मैच बने, जबकि चार बार मैन ऑफ द सीरीज
  • ट्वंटी-20 में 10 बार मैन ऑफ द मैच व पांच बार मैन ऑफ द सीरीज चुने गए

टैस्ट करियर रिकॉर्ड

Test Career Record

मैच 64
रन 5301 
सर्वाधिक स्कोर 243
स्ट्राइक रेट 58.18
शतक 20
अर्धशतक 15

(आंकड़े द.अफ्रीका के खिलाफ टैस्ट सीरीज के पहले मैच के बाद तक)

वनडे करियर रिकॉर्ड

ODI Career Record

मैच 202
रन 9030 
सर्वाधिक स्कोर 183
स्ट्राइक रेट 91.73
शतक 32
अर्धशतक 45

(आंकड़े 29 अक्टूबर 2017 तक खेले वनडे मैचों तक)

ट्वंटी-20 करियर रिकॉर्ड

Twenty-20 Career Record

मैच 55
रन 1956 
सर्वाधिक स्कोर 92
स्ट्राइक रेट 137.84
शतक 0
अर्धशतक 18

(आंकड़े 7 नवम्बर 2017 तक खेले मैचों तक)

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