जूलियन असांजे julian-assange-in-Hindi

जूलियन असांजे की जीवनी – Julian Assange Biography in hindi

जूलियन असांजे को आखिरकार लंदन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया. Julian Assange पिछले 7 सालों से इक्वाडोर के दूतावास में शरण लिये हुए थे. अंसाजे उस वक्त दुनिया भर में सुर्खियों में आ गये थे जब उन्होंने 2010 में विकिलिक्स के माध्यम से अमेरिका के बहुत सारे गोपनीय दस्तावेजों को दुनिया के सामने ले आये थे. इसके पहले भी 7 दिसम्बर 2010 को लंदन पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था तब यूके को पूरी दुनिया में भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

जूलियन असांजे का आरंभिक जीवन

जूलियन असांजे का पूरा नाम जूलियन पाॅल असांजे है. जन्म 3 जुलाई 1971 को आस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैण्ड प्रांत के टाउन्सविले शहर में हुआ. इनकी मां क्रिस्टीन एन हाॅकिन्स एक कलाकार थी और पिता जाॅन शिपटन एक एंटी वार एक्टिविस्ट और बिल्डर थे. जूलियन के जन्म से पहले ही दोनों अलग हो गये थे.

उनकी मां ने रिचर्ड ब्रेट असांजे से शादी की जिसकी वजह से जूलियन को अपना उपनाम मिला. रिचर्ड भी उनकी मां की तरह ही एक कलाकार थे जो एक छोटा सा थियेटर चलाया करते थे. जूलियन असांजे का बचपन बहुत ही खानाबदोशी में बीता और अपने बचपन के दौरान उन्हें करीब तीस से ज्यादा शहरों में रहने का मौका मिला. इससे उन्हें अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों को समझने का मौका मिला. आखिर में उन्हें आस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर में रहने का मौका मिला.

जूलियन असांजे की शिक्षा अलग-अलग जगहों पर पूरी हुई. गूलमंगर प्राइमरी स्कूल और टाउन्सविले स्टेट हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने सेंट्रल क्वीन्सलैण्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी आफ मेलबोर्न का रुख किया. यहां उन्होंने कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, गणित और भौतिक विज्ञान में अपनी डिग्री पूरी की.

जूलियन असांजे का पारिवारिक जीवन

जूलियन असांजे का बहुत ही कम उम्र में टेरेसा डो से प्यार हो गया. उन्होंने 1989 में विवाह कर लिया. असांजे और डो को एक बेटा हुआ, उसका नाम डेनियल असांजे रखा गया. दस साल बाद 1999 में वे अलग हो गये. इसके बाद जूलियन असांजे को विकिलिक्स की सेक्शन एडिटर और सलाहकार सराह हैरिसन से प्रेम हुआ और वे साथ रहने लगे. उनसे उन्हें तीन बच्चे हैं. सराह उनसे 2012 में अलग हो गईं.

जूलियन असांजे का करिअर

जूलियन असांजे ने मेलबोर्न विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने हैकिंग पर काम करना शुरू किया. उन्होंने हैकिंग दुनिया में पहचान बनाने के लिए अपना एक छद्म नाम मेनडेक्स रखा. उनको पहली बड़ी सफलता तब मिली जब उन्होंने कनाडा के मल्टीनेशनल टेली कम्यूनिकेशन काॅपोरेशन के मास्टर टर्मिनल नोरटेल को हैक कर लिया. इस काम के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें सजा के तौर पर 2100 आस्ट्रलिआई डाॅलर का जुर्माना और अच्छे व्यवहार की गारंटी देनी पड़ी.

इसके बाद उन्होंने हैकिंग छोड़कर प्रोग्रामिंग की दुनिया में कदम रखा. 1993 से वे विक्टोरिया पुलिस की बाल उत्पीड़न शाखा को अपनी सेवायें देने लगे. उन्होंने आस्ट्रेलिया के पहले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर सबअर्बिया पब्लिक एक्सेस नेटवर्क के लिए काम किया. उन्होंने प्रोग्रामिंग का काम करते हुए ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकाॅल पोर्ट का कोड लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने हैकिंग और कम्प्यूटर सिक्योरिटी पर एक किताब भी लिखी और एक कंपनी अर्थमैन टेक्नोलाॅजी की नींव भी रखी.

विकिलीक्स की स्थापना

विकिलीक्स तक पहुंचने का जूलियन का सफर बहुत ही रोमांचक रहा. सबसे पहले उन्होंने लीक्स डाॅट काॅम नाम का एक डोमेन रजिस्टर करवाया लेकिन उसे कभी काम में नहीं लिया. इसके बाद उन्होंने 1999 में नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के पेटेंट के बारे में खुलासा किया जिससे लोगों की प्राइवेसी को खतरा था. ये पहली बार था जब जूलीयन ने सीधे सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया. इससे सुरक्षा एजेन्सिया घबरा गई.

इसके बाद असांजे को यह लगने लगा कि उन्हें लोगों की आवाज उठाने और लोगों तक सरकार की कारस्तानिया पहुंचाने के लिए एक प्लेटफाॅर्म चाहिए. इसी विचार से 2006 में विकिलीक्स का जन्म हुआ. जूलियन इसके मुख्य संपादक बने.

विकिलीक्स के खुलासे

विकिलीक्स ने 2006 से ही काम करना शुरू कर दिया लेकिन प्रसिद्धी तब मिली जब एक अमेरिकी व्हीस्ल ब्लोअर चेल्सिया मेनिंग ने विकिलीक्स को इराक युद्ध से जुड़े लाखों डाॅक्यूमेंट्स दिये. इन डाॅक्यूमेंट्स में एक वीडियो भी था जिसमें अमेरिकी सैनिक आम नागरिकों को अपनी गोली का ​शिकार बना रहे थे.

विकिलीक्स के इस खुलासे के बाद अमेरिका असांजे से बहुत नाराज हो गया और उप राष्ट्रपति जो बाइडेन ने असांजे को आतंकवादी तक कह दिया. आस्ट्रेलिया ने भी जूलियन असांजे का अपराधी माना और जूलियन को इसके बाद अपनी जान बचाने के लिए छुप-छुप कर रहना पड़ा. कई देशों से भागते हुए आखिर में जूलियन असांजे को इक्वेडोर के दूतावास में शरण मिली, जहां से 11 अप्रेल 2019 को लंदन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

जूलियन असांजे और स्वीडन यौन उत्पीड़न आरोप

जूलियन असांजे पर 2010 में अपनी फरारी के दौरान स्वीडन में रहने का मौका मिला. इसी दौरान दो महिलाओं ने उन पर यौन उत्पीड़न और जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाने का आरोप लगाया. इस केस में कुछ भी साबित नहीं हो सका और असांजे ने स्वीडन छोड़ दिया. हालांकि लंबे समय तक यह आरोप उनका पीछा करते रहे और उनकी इसके लिए बहुत आलोचना भी हुई. इस मामले में अबतक कुछ भी साबित नहीं हो सका है.

जूलियन असांजे को मिले सम्मान और पुरस्कार

विकिलिक्स पर भारी अमेरिकन सरकारी दबाव के बावजूद अपनी व्हीसलब्लोअर भूमिका के कारण जूलियन असांजे को 2008 में इकाॅनोमिस्ट फ्रीडम आफ एक्सप्रेशन अवार्ड प्रदान किया गया.

2009 में उन्हें प्रतिष्ठित संस्था एमनेस्टी इंटरनेषनल ने ब्रिटेन मीडिया पुरस्कार से नवाजा.

2010 में विकिलीक्स पर इराक युद्ध से सम्बन्धित दस्तावेज सार्वजनिक करने की वजह से उन्हें सैम एडमस पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

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