किम जोंग-उन की जीवनी biography of kim jong-un

किम जोंग-उन की जीवनी Biography of Kim Jong-un

किम जोंग-उन उत्तर कोरिया के शासक, तानाशाह, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के चेयरमैन है और अपने तानाशाही शासन के कारण पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. इस उत्तर कोरिया तानाशाह को संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपनी बयानबाजी की वजह से सुर्खियों में जगह मिलती रहती है.

किम जोंग-उन संक्षिप्त जीवनी Short Biography of Kim Jong-un

किम जोंग-उन उत्तर कोरिया के प्रमुख नेता हैं. पूरी दुनिया में अपने तानाशाह रवैये के लिए पहचाने जाते हैं. वर्ष 2011 में अपने पिता किम जोंग-इल के उत्तराधिकारी के तौर पर उन्होंने उत्तर कोरिया की कमान संभाली. हालांकि न्यूक्लीयर मिसाइल टेस्ट व अन्य क्रूर गतिविधियों को लेकर वह हमेशा ही विश्व मीडिया में छाए रहते हैं. वैसे किम के बचपन और युवावस्था के बारे में पश्चिमी मीडिया ज्यादा नहीं जानता.
उनकी जन्म तिथि व शिक्षा को लेकर मीडिया में भी विरोधाभास हैं. उनका जन्म 8 जनवरी, 1982 या 1984 में उत्तर कोरिया के प्योंगांग में हुआ था. किम के पिता किम जोंग-इल उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक थे, जिन्होंने करीब एक दशक तक देश पर राज किया. किम की मां को योंग-हुई ओप्रा सिंगर थीं.
 
नामकिम जोंग-उन
जन्म व स्थान 8 जनवरी (1982 या 1984, वर्ष को लेकर संशय), प्योंगयांग, उत्तर कोरिया
पिता किम जोंग-इल
मां को योंग-हुई
पत्नी री सोल-जू

किम जोंग—उन का प्रारंभिक जीवन Early Life of Kim Jong-un

किम जोंग-उन की जन्मतिथि और बचपन को लेकर रहस्य बना हुआ है. लेकिन इतनी जानकारी है कि वह उत्तर कोरिया के पूर्व शासक किम जोंग-इल के तीसरे बेटे हैं. किम के पिता उत्तर कोरिया में वर्ष 1994 से शासित कम्यूनिस्ट वर्कर्स पार्टी के नेता थे. किम की मां ने ही वर्ष 2004 में निधन से पहले अपने बेटे को पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार किया था.
किम में उनके पिता को अपनी युवा छवि दिखाई देती थी, क्योंकि वह बिल्कुल अपने पिता की तरह गुस्सैल और महत्वाकांक्षी थे. कहा जाता है कि वर्ष 2000 में अपने दादा के नाम पर उत्तर कोरिया में संचालित किम इल-सुंग मिलिट्री यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले किम ने शुरुआती शिक्षा स्विट्जरलैंड से पूरी की थी. पढ़ाई के साथ-साथ किम को उत्तर कोरिया का अगला तानाशाह शासक बनाने की तैयारी भी शुरू की जा चुकी थी. वर्ष 2011 में पिता किम जोंग-इल के निधन के साथ ही किम जोंग ने सत्ता अपने हाथ में ले ली थी.  

किम जोंग-उन की तानाशाही Dictatorship of Kim Jong-un

किम जोंग-उन ने उत्तर कोरिया का शासक बनते ही अपने पिता के शासनकाल में वफादार रहे कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटाना शुरू कर दिया. इन वरिष्ठ अधिकारियों में किम के अंकल जांग सोंग-ठाक भी शामिल थे. जांग का किम के पिता के शासनकाल में अहम योगदान रहा था, वे उनके भी सलाहकार रहे थे. रिपोट्र्स के अनुसार वर्ष 2013 में जांग को सरकार के खिलाफ गद्दारी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.
जांग के परिवार के साथ भी किम ने बेहद क्रूर सलूक किया. फरवरी, 2017 में किम के बड़े सौतेले भाई किम जोंग-नाम की मलेशिया में संदिग्धावस्था में मौत हो गई.  बताया जाता है कि उन्हें कुआलालम्पुर एयरपोर्ट पर जहर दिया गया था. बाद में इस आरोप में कई संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया. किम जोंग-नाम को अपने सौतेले भाई के शासन व नीतियों की खिलाफत करने के कारण कुछ साल पहले देश से निष्कासित कर दिया गया.

किम जोंग-उन और परमाणु बम Atom Bomb and Kim Jong-un

किम जोंग-उन की सत्ता आने के बाद भी उत्तर कोरिया ने हथियार परीक्षण जारी रखा. फरवरी 2012 और अप्रेल 2012 में उत्तर कोरिया ने न्यूक्लीयर लोंग रेंज मिसाइल का परीक्षण किया, लेकिन यह सैटेलाइट टेकऑफ करने में विफल रही. लेकिन इससे भी किम ने हार नहीं मानी और दिसम्बर  2012 में सरकार ने एक लॉंग रेंज रॉकेट लॉंच किया, जिसने सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित कर दिया.
अमरीकी सरकार का मानना था कि यह सभी लॉंचिंग उसके असली कार्य को छिपाने के मकसद से की गई थी. इन सबके पीछे उत्तर कोरिया का मकसद बैलिस्टिक मिसाइल टेक्नॉलोजी का टेस्ट करना था. फरवरी 2013 में आखिरकार उत्तर कोरिया ने तीसरा अंडरग्राउंड न्यूक्लीयर टेस्ट किया. इस न्यूक्लीयर परीक्षण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हुई.
अमरीका, जापान और चीन जैसे देशों ने उत्तर कोरिया की इस हकरत की कड़ी निंदा भी की. इस सबके पीछे किम का मकसद उत्तर कोरिया को विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनाना था. सितम्बर, 2016 में किम की सरकार ने देश में पांचवां अंडरग्राउंड न्यूक्लीयर टेस्ट किया. किम के इस कदम की अन्य देशों ने कड़ी आलोचना की और पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे ने सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. पार्क ने लगातार इस तरह के टेस्ट को किम का पागलपन करार दिया.
अपने देश की सुरक्षा को लेकर विश्व मंच पर अपनी चिंता जाहिर की. आलोचनाओं की परवाह न करते हुए फरवरी, 2017 में मीडियम लोंग-रेंज ब्लास्टिक मिसाइल लॉंच की और इस बार खुद किम ने इसे सुपरवाइज किया. इस लॉंचिंग के बाद विश्व में किम की मनमानी को लेकर विरोध और भी तेज हो गया. इस पर चर्चा के लिए तुरंत यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बुलाई गई. नवम्बर 2016 में अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले डोनाल्ड ट्रंप और किम के बीच की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है.
ये दोनों ही खुले तौर पर एक-दूसरे को युद्ध की धमकी देते रहे हैं और अपमान करते रहे हैं। आए दिन ट्रंप विरोधी बयान किम जारी करते रहते हैं. इसके बावजूद नवम्बर, 2017 में एशिया दौरे के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति ने नर्म रुख अपनाते हुए किम को हथियारबंदी पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था. लेकिन ट्रंप के दौरे के बाद उत्तरी कोरिया के अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका देश न्यूक्लीयर मिसाइल परीक्षण तब तक जारी रखेगा जब तक कि अमरीका और दक्षिण कोरिया की सेनाएं साझा अभ्यास करना बंद नहीं कर देती हैं.
हालांकि इस बीच किम ने फिर से ट्रंप को अपमानित करते हुए उन्हें दुष्ट और पागल व्यक्ति करार दिया. इस पर पलटवार करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने 20 नवम्बर को उत्तर कोरिया को आधिकारिक तौर पर आतंकवाद को प्रयोजित करने वाला देश करारा दे दिया. इसी माह उत्तर कोरिया ने एक और सीमा लांघते हुए वासोंग-15 मिसाइल लॉंच की, जो कि जापान के तट से टकराने से पहले धरती से करीब 2,800 मील तक की दूरी तय करने की क्षमता रखती है. इस परीक्षण के बाद किम ने आधिकारिक तौर पर अपनी न्यूक्लीयर फोर्स तैयार करने की घोषणा कर दी.

किम जोंग-उन और  दक्षिण कोरिया से रिश्ते South Korea and Kim Jong-un

किम जोंग-उन ने वर्ष 2018 के न्यू ईयर भाषण में कोरियाई देशों में मिलिट्री टेंशन को कम करने को लेकर उचित कदम उठाने की बात कही. इस पर उन्होंने पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग शहर में होने वाले विंटर ओलंपिक गेम्स में अपना एक दल भेजने का सुझाव भी दिया. इसके अलावा किम ने अपने विरोधियों को खासकर अमरीका को एक बार फिर चेताया कि न्यूक्लीयर हथियारों का बटन मेरी टेबल पर ही है. किम के विंटर आेलंपिक में अपना दल भेजने के सुझाव को कई विशेषज्ञों ने विशेष रणनीति बताया.
विशेषज्ञों का कहना है कि किम ने अमरीका और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में दरार डालने के लिए यह दाव खेला है. हालांकि दक्षिण कोरिया ने किम के इस सुझाव का स्वागत किया. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जाए-इन के प्रवक्ता ने बयान जारी किया कि हम कोरियाई देशों के रिश्तों को मधुर बनाने के लिए किसी भी जगह किसी भी समय उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार हैं. इसके बाद 9 जनवरी, 2018 को दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमा पर बसे एक गांव पानमुंजोम में मुलाकात की. दो साल से भी अधिक समय के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली बातचीत थी. इस बातचीत के बाद यह सहमति बनी की उत्तर कोरियाई खिलाड़ी पड़ोसी देश में होने वाले विंटर ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेंगे.
उत्तर कोरिया के आर्थिक हालात Financial Condition of North Korea
नब्बे के दशक में उत्तर कोरिया बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. इतना ही नहीं देश में हजारों की संख्या में मौजूद कैदी बेहद बुरे हालातों में रहने को मजबूर थे. किम ने देश की सत्ता संभालने के बाद उत्तर कोरिया में शिक्षा व कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही आर्थिक हालात बेहतर बनाने का प्रण लिया.
लेकिन पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया ने उन पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. दक्षिण कोरिया का आरोप था कि किम की सरकार ने उसके कई अधिकारियों को मार डाला. जुलाई, 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से किम के खिलाफ चेतावनी भी जारी की गई. यह पहली बार था जब उत्तर कोरिया के मुखिया को अमरीका की ओर से आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी गई. 

किम जोंग-उन का पारिवारिक जीवन Family life of Kim Jong-un

किम जोंग-उन की पत्नी का नाम री सोल-जू है, जिनके साथ किम अक्सर दिखाई देते हैं. इनके बारे में कोई अधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. किम जोंग उन की संतानों के बारे में सही विवरण नहीं मिलता है. कई स्रोत उनके दो से तीन बच्चे बताते हैं जिनमें से एक बच्चे का नाम किम जो—ए है.

Kim Jong-Un Wikipedia 

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