अमीष त्रिपाठी की जीवनी

अमिष त्रिपाठी की जीवनी Biography of Amish Tripathi in hindi

अमिष त्रिपाठी की जीवनी – अमिष  लेखक और उपन्यासकार है जिन्होंने भारतीय पुराणों को नई दृष्टि से लिखने का प्रयास किया है.

संक्षिप्त जीवनी

अमिष त्रिपाठी भारत के उभरते हुए लेखक हैं, जिन्होंने युवाओं को लुभाने वाले इंग्लिश फिक्शन उपन्यास लिखे हैं. उनकी दी इमोर्टल्स ऑफ मेलुहा, दी सीक्रेट ऑफ द नागाज, दी ऑथ ऑफ द वायुपुत्रा और सीता-वॉरियर ऑफ मिथिला जैसी उपन्यास सीरीज बेहद पसंद की गईं. युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय अमिष के पहले तीन उपन्यास दी शिवा ट्रायोलॉजी और उसके बाद लिखी रामचंद्र सीरीज इतिहास से जुड़े हैं, उन्होंने इसे बेहद अनूठे अंदाज में पेश किया है. इसी का नतीजा रहा कि उनकी दी शिवा ट्रायोलोजी सीरीज भारतीय प्रकाशन इतिहास में सबसे ज्यादा बिकने वाली उपन्यास शृंखला बनी. वहीं उनकी लिखी इक्ष्वाकु के वंशज वर्ष 2015 में सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब बनी. अपने अनूठे लेखन के चलते अमिष जल्द ही फोर्ब्स की सूची में शामिल हो गए. फोर्ब्स ने उन्हें वर्ष 2012 से 2015 तक अपनी शीर्ष 100 भारतीय हस्तियों की सूची में जगह दी है.

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आरंभिक जीवन

अमिष का जन्म मुम्बई में हुआ और वह ओडिशा के राउरकेला में पले बढ़े. उन्होंने अपनी पढ़ाई मुम्बई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पूरी की और फिर आइआईएम कलकत्ता से अपनी पेशेवर डिग्री हासिल की. बचपन से ही आमिष इतिहासकार बनना चाहते थे, लेकिन उन्होंने समय की मांग को देखते हुए फाइनेंस में करियर बनाने का फैसला किया. लेखन शुरू करने से पहले उन्होंने 14 साल तक फाइनेंशियल फील्ड में काम किया. इस दौरान उन्होंने स्टेंडर्ड चार्टर्ड, डीबीएस बैंक व आईडीबीआई फेडरल लाईफ इंश्योरेंस जैसी कम्पनियों को अपनी सेवाएं दीं.

नामअमिष त्रिपाठी
व्यवसायलेखक, उपन्यासकार
जन्म एवं स्थान18 अक्टूबर, 1974 मुम्बई
शिक्षासेंट जेवियर्सकॉलेज, मुम्बई व आईआईएम कलकत्ता

अमिष त्रिपाठी का वैवाहिक जीवन

अमिष त्रिपाठी ने प्रीति व्यास से विवाह किया है और इस दंपति का एक बेटा नील त्रिपाठी है.

करिअर

दी इर्मोटल्स ऑफ मेलुहा, अमिष का पहला उपन्यास और शिवा ट्रायोलॉजी की पहली किताब, फरवरी 2010 में बाजार में आई. इसके बाद दूसरी किताब दी सीक्रेट ऑफ नागाज, 12 अगस्त 2011 को और तीसरी व अंतिम कड़ी दी ऑथ ऑफ वायुपुत्रा 27 फरवरी 2013 को जारी की गई. यह ट्रायोलॉजी सीरीज भारतीय देवता भगवान शिव के जीवन और उनके साहसिक कार्यों पर आधारित थी. यह सीरीज इतनी लोकप्रिय हुई कि लगे हाथों फिल्म निताओं ने इसके अधिकार खरीद लिए. शिवा ट्रायोलॉजी पर फिल्म बनाने का अधिकार धर्मा प्रॉडक्शंस ने 2012 के शुरुआत में ही खरीद लिए थे. दी इमोर्टल्स ऑफ मेलुहा और दी सीक्रेट ऑफ नागाज को ब्रिटेन में भी जारी किया गया, जहां ये काफी लोकप्रिय रहीं. पहली उपन्यास सीरीज के जबरदस्त लोकप्रिय होने के बाद अमिष वर्ष 2015 में रामचंद्र सीरीज की पहली किताब लेकर आए. इस सीरीज का पहला उपन्यास इक्ष्वाकु के वंशज 22 जून को बाजार में आया. शिवा ट्रायोलॉजी की तरह ही यह उपन्यास भी फंतासी आधारित था, जिसमें रामायण से जुड़े रोचक तथ्यों को अनूठे अंदाज में पेश किया गया. भगवान राम पर आधारित इस उपन्यास को क्रॉसवर्ड बुक अवार्डस का बेस्ट पॉपुलर अवार्ड दिया गया. वर्ष 2016 में अपने जन्मदिन के अवसर पर 18 अक्टूबर को अमिष ने घोषणा की कि वे 2017 में दो नए उपन्यास जारी करेंगे, जिसमें से एक उनका पहला नॉन फिक्शन उपन्यास होगा, जबकि दूसरा रामचंद्र सीरीज का दूसरा उपन्यास सीता-वॉरियर ऑफ मिथिला होगा. 29 मई 2017 को सीता-वॉरियर ऑफ मिथिला उपन्यास बाजार में आया और नेशनल बेस्टसेलर लिस्ट में शीर्ष पर रहा. अमिष ने अपना पहला नॉन फिक्शन उपन्यास अगस्त 2017 में जारी किया.

धर्म व आध्यात्म आधारित लेखन

अमिष भगवान शिव के बड़े भक्त रहे हैं इसीलिए अब तक उनकी सभी किताबें धर्म व अध्यात्म पर आधारित रही हैं. अमिष के दादाजी बनारस में संस्कृत के शिक्षक और प्रकाण्ड पंडित थे और हिन्दु धर्म से जुड़ी सभी जानकारी व देवी-देवताओं से जुड़े तथ्य उन्होंने उन्हीं की जुबानी सुने थे. उनका मानना है कि भारत में धर्म और अध्यात्म से जुड़ी चीजों को हाथों-हाथ लिया जाता है. एक साक्षात्कार में उन्होंने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि वह भगवान शिव के मंदिर में नियमित रूप से जाते हैं और उन्होंने युवाओं को भी ऐसा ही करने को कहा.

मार्केटिंग का अनुभव आया काम

अमिष फाइनेंशियल व मार्केटिंग के काम से जुड़े हुए थे इसलिए यह अनुभव उनकी किताबों की मार्केटिंग के भी बेहद काम आया. उनका कहना है कि मेरा मैनेजमेंट बैकग्राउंड और मार्केटिंग का अनुभव मेरी किताबों के प्रमोशन में काम आया. अमिष ने अपने पहले उपन्यास दी इमोर्टल्स ऑफ मेलुहा की रिलीज से कई सप्ताह पहले से ही उसका प्रमोशन शुरू कर दिया था. उन्होंने उपन्यास के पहले अध्याय की सेम्पल कॉपीज निकालीं और सभी फेमस बुकशॉप्स के कैश काउंटर पर आने वाले पाठकों को निशुल्क बंटवाईं. इतना ही नहीं उन्होंने छोटे बड़े सभी रिटेलर्स और स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर्स के सामने प्रजेंटेशन दिया और अपने उपन्यास के प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया वेबसाइट्स को भी माध्यम बनाया. अमिष ने अपने उपन्यास के ट्रेलर फिल्म यूट्यूब पर जारी किया, जिससे ज्यादा से ज्यादा पाठक उनकी और आकर्षित हुए. दूसरे उपन्यास की मार्केटिंग के लिए उन्होंने फिल्म प्रॉडक्शन क्वालिटी का वीडियो ट्रेलर जारी किया. वर्ष 2013 में वायुपुत्रा के नाम से एक म्यूजिक एल्बम भी जारी किया गया, जिसका ऑरिजिनल साउंड ट्रेक उनकी तीसरी किताब दी ऑथ ऑफ दी वायुपुत्रा पर आधारित था. इस म्यूजिक एल्बम में लोकप्रिय गायक सोनू निगम, तौफीक कुरैशी, पलाश सेन व बिक्रम घोष समेत कइ गायकों ने अपनी आवाज दी. यह पहला मौका था जब किसी उपन्यास सीरीज के लिए ऑरिजिनल साउंड ट्रेक तैयार किया गया. मार्केटिंग के नित नए तरीके अमिष ने आगे भी जारी रखे. 2015 में इक्ष्वाकु के वंशज के रिलीज से पहले टीजर ट्रेलर यूट्यूब पर जारी किया गया, जिससे पाठकों में इसके लिए उत्सुकता जागी. इसके अलावा टीवी पर व इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भी इसके विज्ञापन दिखाए गए. साल 2016 में आमिष ने एक और वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया जिसमें उन्होंने अपने पाठकों को बताया कि कैसे उन्होंने ये उपन्यास लिखे और आगामी किताबों के लिए शिवा ट्रायोलॉजी में से ही वह विषय का चुनाव करने वाले हैं.

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अमिष त्रिपाठी को मिले पुरस्कार

कम्यूनिकेटर ऑफ द ईयर अवार्ड 2014
मैन ऑफ द ईयर 2013 रेडियो वन द्वारा
प्राइड ऑफ इंडिया 2014 व 2015 में
इंडियाज फस्र्ट लिटरेरी पॉपस्टार 2015
50 मोस्ट इंफ्ल्यूएंशियल यंग इंडियंस
रेमंड क्रासवर्ड पॉपुलर चॉइस अवार्ड
इंडियाज न्यू आइकंस

अमिष त्रिपाठी के अब तक लिखे गये उपन्यास

फिक्शन

शिवा ट्रायोलॉजी
– दी इर्मोटल्स ऑफ मेलुहा (2010)
– दी सीक्रेट ऑफ नागाज (2011)
– दी ऑथ ऑफ दी वायुपुत्रा (2013)

रामचंद्र सीरीज

– राम:सियोन ऑफ इक्षवाकु (2015)
-सीता:वॉरियर ऑफ मिथिला (2017)
-रावण:ऑरफन ऑफ आर्यव्रत (2018 में होगी जारी)

नॉन फिक्शन

– इर्मोटल ऑफ इंडिया (2017)